मानव स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक है यूरिया
महराजगंज:-यूपी के महराजगंज जनपद से बडी खबर किसान चाहे उर्वरक का कितना भी प्रयोग करें पौधे इसमें से 30 फीसदी यूरिया का उपयोग करते हैं। फसल की मांग से अधिक उपयोग में लाया गया नाइट्रोजन वाष्पीकरण और रिसाव के जरिए बेकार चला जाता है। नाइट्रोजन का अत्यधिक उपयोग जलवायु परिवर्तन और भूजल प्रदूषण को बढ़ावा देता है। यूरिया जमीन में रिस जाता है तथा नाइट्रोजन से मिलकर नाईट्रासोमाईन बनाता है जिससे दूषित पानी को पीने से कैंसर, रेड ब्लड कणों का कम होना और रसौलियाँ बनना जैसी बीमारियां होती हैं। डा. पाठक बताते हैं कि चूंकि डीएपी खाद रॉक फास्फेट के रूप में आता है जिसका शोधन कर फास्फोरस प्राप्त किया जाता है। शोधन के दौरान इसमें हैवी तत्व जैसे कोवाल्ट, कैडमियम और यूरेनियम आदि रह जाते हैं जिनके प्रयोग से मिट्टी तथा पानी दूषित होता है। मिट्टी बेकार होने की स्थिति में पहुंच जाती है।


