एआरटीओ कार्यालय से भागे दलाल, काउंटर पर मुस्तैद दिखे बाबू
सोशल मीडिया टाइम्स संवाददाता कुशीनगर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय एआरटीओ में लंबे समय से जारी दलालों के हस्तक्षेप पर लगाम कसने के बाद अब स्थिति बदलती नजर आ रही है। बुधवार को कार्यालय परिसर का नजारा बदला हुआ था; जहाँ अक्सर दलाल हावी रहते थे, वहाँ अब संबंधित बाबू (क्लर्क) खुद अपने पटल पर बैठकर काम निपटाते दिखे।मुख्य घटनाक्रम सख्ती का असर: अमर उजाला द्वारा मंगलवार को “अफसर नदारद, दलालों के हवाले एआरटीओ कार्यालय” शीर्षक से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।आरई की चेकिंग: आरआई (RI) आर.डी. वर्मा खुद काउंटर पर कतार में लगे लोगों से पूछताछ करते दिखे। उन्होंने लोगों से जानकारी ली कि कहीं वे किसी दलाल के जरिए तो काम कराने नहीं आए हैं।चेतावनी: एआरटीओ मोहम्मद अजीम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी बाबू अपना काम स्वयं करें। यदि भविष्य में किसी बाहरी व्यक्ति या दलाल की मदद ली गई, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।दलालों की हुई पहचान खबर के मुताबिक, कार्यालय के भीतर दलालों का जाल काफी गहरा है। कुछ खास पटल सहायकों के नाम भी सामने आए हैं:पंजीकरण पटल: यहाँ विनय कुशवाहा नामक व्यक्ति (दलाल) की चर्चा रही, जो निजी वाहन एजेंसियों के रजिस्ट्रेशन का काम बाहरी लड़कों के जरिए कराता था।राहुल सिंह का पटल: यहाँ मंगलवार को बबलू नाम का दलाल काम करता पाया गया था, लेकिन बुधवार को राहुल सिंह स्वयं अपने पटल पर कार्यरत दिखे।व्यवस्था में सुधार के निर्देश परिसर की अव्यवस्था और सुरक्षा को देखते हुए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:रिकॉर्ड रूम: फर्श पर बेतरतीब तरीके से रखी फाइलों को सुरक्षित रिकॉर्ड रूम में रखने का आदेश दिया गया है। एआरटीओ का दावा है कि पुरानी फाइलों का डेटा कंप्यूटर में सुरक्षित है।सुरक्षा घेरा: गेट पर होमगार्डों को तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध या दलाल को अंदर आने से रोका जा सके।एआरटीओ का बयान: “जिन बाबू के काउंटर पर बाहरी लोग काम कर रहे थे, उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। फाइलों को सुरक्षित रखने और कार्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।मोहम्मद अजीम, एआरटीओ, कुशीनगर


