सगे-सम्बन्धी अब पांच हजार के स्टाम्प पर, कर सकेंगे अचल सम्पत्ति का हस्तांतरण

सगे-सम्बन्धी अब पांच हजार के स्टाम्प पर, कर सकेंगे अचल सम्पत्ति का हस्तांतरण

लखनऊ:- लखनऊ से बड़ी खबर योगी कैबिनेट ने मंगलवार को एक अहम फैसला लेते हुए गिफ्ट डीड के जरिये अचल सम्पत्ति का हस्तांतरण करने में स्टाम्प शुल्क में छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसको पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा और आगे व्यवस्था में कोई बदलाव होने तक प्रभावी रहेगा और इसके लिए 5000 रुपये के स्टाम्प शुल्क को तय कर दिया गया है।
योगी सरकार में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश राज्य में परिवार के सदस्यों के मध्य निष्पादित अचल सम्पत्ति के दान विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में छूट दिए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य में परिवार के सदस्यों पुत्र, पुत्री, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्रवधु (पुत्र की पत्नी), सगा भाई (सगे भाई के मृतक होने की दशा में उसकी पत्नी), सगी बहन, दामाद (पुत्री का पति), पुत्र/पुत्री के मध्य निष्पादित अचल सम्पत्ति के दान विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क की अधिकतम सीमा 5,000 रुपये निर्धारित किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया है। यह छूट अग्रिम आदेशों तक के लिए दी जाएगी। बाद में राजस्व पर पड़ने वाले प्रभाव एवं निबन्धित होने वाले विलेखों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन कर इस छूट को निरन्तर किया जा सकता है।उप्र राज्य में धान विलेखों पर सम्पत्ति के मूल्य पर हस्तान्तरण पत्र की भांति स्टाम्प शुल्क प्रभार्य है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा-17 के प्राविधानों के अधीन अचल सम्पत्ति के दान विलेख का रजिस्ट्रीकरण अनिवार्य है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा- 9(1)(क) के प्राविधानों के अधीन राज्य सरकार को पारिवारिक सदस्यों के मध्य निष्पादित होने वाले इस प्रकार के विलेखों पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान करने का अधिकार प्राप्त है। देश के प्रमुख राज्यों यथा महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश आदि में पारिवारिक सदस्यों के मध्य निष्पादित अचल सम्पत्ति के दान विलेखों पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान की गयी है।

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