मां नारायणी लोक सम्मान समारोह में कृषि के लिए अतुल पाण्डेय, सेवा के लिए मनीष शर्मा, पर्यावरण के लिए पूर्णिमा को मिला सम्मान

मां नारायणी लोक सम्मान समारोह में कृषि के लिए अतुल पाण्डेय, सेवा के लिए मनीष शर्मा, पर्यावरण के लिए पूर्णिमा को मिला सम्मान

मस्तराज शर्मा

कसया,कुशीनगर: मां नारायणी सामाजिक कुंभ के आज दूसरे दिन मां नारायणी लोक सम्मान समारोह में कृषि के लिए अतुल पाण्डेय, सेवा के लिए मनीष शर्मा, पर्यावरण के लिए पूर्णिमा को प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि पूज्य दिव्येश्वर जी महाराज ने कहा कि पौराणिक काल से ही गंडकी नदी अपने महत्व के लिए ही जानी जाती है यह यह वही नदी है जिसमें भगवान शालिग्राम अपना निवास करते है जिस प्रकार भगवान शिव का उनके निराकार रूप शिवलिंग का पूजन होता है उसी प्रकार भगवान विष्णु का विग्रह रूप शालिग्राम है। वैष्णव संप्रदाय में भगवान विष्णु के चतुर्भुजी मूर्ति रूप के साथ निराकार, विग्रह रूप के पूजन का भी विधान है।पौराणिक कथा के अनुसार तुलसी जी के श्राप के कारण श्री हरि विष्णु हृदयहीन शिला में बदल गए थे। उनके इसी रूप को शालिग्राम कहा गया है। यह वही नदी हुआ जिसमे गज और ग्राह की लड़ाई हुई थी। विषय प्रस्तावना करते हुए सामाजिक कुंभ के संरक्षक डा.सतेंद्र गिरी जी महाराज ने कहा कि जल ही जीवन है जीवन ही जल है, पर्यावरण व कृषि के साथ-साथ अपनी संस्कृति को बचाए रखना यही संदेश है देना ही मां नारायणी सामाजिक का उदेश्य है । सात वर्षीय श्रीमदभागवत कथा वाचक सुश्री अनुष्का पाठक जी ने अपने उद्बोधन में पौराणिक कथाओं के माध्यम से सबके मन को मोह लिया। शाम को काशी के पुरोहितो ने महा आरती सम्पन्न कराया।
अध्यक्षता बगही धाम के महंत श्री श्री 108 श्री विशंभर दास महाराज ने किया आभार ज्ञापन मां नारायणी सामाजिक कुंभ के संयोजक मनोज पांडेय ने किया। संचालन कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विधायक दीपलाल भारती, पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी, भाजपा नेता हरिशंकर राय, दुर्गेश राय,सुप्रीमय मालवीय,बृजेश मिश्र,हरी गोविंद रौनियार धर्मेंद्र राव,विजय मिश्र,महेंद्र पाण्डेय,शत्रुजीत शाही, नूतन दुबे,आदि उपस्थित थे।

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