नगर निगम भिलाई का खजाना खाली,शासन से मांगे 9 करोड़
भिलाई से पूजा की रिपोर्ट
दुर्ग जिले से बड़ी खबर नगर निगम भिलाई का खजाना खाली है। निगम के पास अपने अधिकारी और कर्मचारियों को वेतन देने तक के लिए पैसे नहीं हैं। निगम ने कर्मियों के वेतन के लिए राज्य शासन से मांग की है। शासन से समय पर रुपए मिल गया तो उसी से निगम प्रशासन वेतन बांटेगा और नहीं मिला तो निगम अपने स्तर पर वेतन की व्यवस्था करने में जुटा है। नियमत 1 से 5 तारीख के मध्य सैलरी जारी किया जाना है। इस महीने दीवाली भी है। बावजूद इसके अधिकारी और कर्मचारियों को सैलरी जारी नहीं हो पाई है।वेतन देने के लिए निगम को करीब 6 करोड़ रुपए चाहिए। जानकारी के मुताबिक निगम मद पूरी तरह से खाली है। ऐसे में एक ओर जहां निगम प्रशासन 6 करोड़ की व्यवस्था करने में लगा हुआ है। वहीं दूसरी ओर निगम प्रशासन ने एक बार फिर से शासन को डिमांड लेटर भेजकर 9. 44 करोड़ की डिमांड की गई है। फिलहाल वेतन नहीं मिलने से कर्मी निराश हैं क्योंकि ऐन त्यौहार के वक्त इस स्थिति का सामना उन्हें करना पड़ रहा है।
पहले भी भेजी डिमांड, नहीं मिली थी राशि
नगर निगम भिलाई की आर्थिक हालत खराब है। ऐसे में दो माह पहले भी जब निगम प्रशासन जून-जुलाई और जुलाई-अगस्त का वेतन नहीं दे पाया है। तब शासन को अगस्त में साढ़े 5 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। शासन ने उस समय राशि जारी नहीं की। इसके बाद से भिलाई निगम में आर्थिक संकट गहरा गया है। निगम के अधिकारी फंड जुटाने के लिए राज्य शासन के अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि निगम प्रबंधन को कर्मी हित में त्यौहार से पहले अधिकारी व कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था करनी चाहिए थी। बहरहाल अब राज्य सरकार से फंड की स्वीकृति होने पर सभी का वेतन जारी किया जाएगा।3.50 करोड़ का टैक्स हो रहा जाम
निगम मद में नहीं राशि
15 करोड़ संचित निधि के जमा हैं
35 करोड़ संपत्ति कर वसूलने का लक्ष्य
32 करोड़ का राजस्व पिछले वर्ष अर्जित किया
हर महीने 7 करोड़ से ज्यादा का खर्च
950 अधिकारी-कर्मचारी हैं
3.50 करोड़ कर्मियों की सैलरी।
2 हजार से ज्यादा ठेका श्रमिक
2.65 करोड़ का मानदेय
70 लाख से ज्यादा डीजल-पेट्रोल का खर्च
बड़े बकायादारों से वसूली की जाएगी
अधिकारी-कर्मचारियों को वेतन देने के लिए व्यवस्था में लगे हैं। बड़े बकायादारों की सूची मंगाए गए हैं। सख्ती की जाएगी । उनसे सैलरी बांटी जाएगी।


