Tuesday, February 10, 2026
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एल,सी कश्यप के द्वारा विश्व विरासत दिवस के रूप में मनाया थीम

एल,सी कश्यप के द्वारा विश्व विरासत दिवस के रूप में मनाया थीम

भिलाई:- एल, सी, कश्यप ने बताया कि विश्व धरोहर दिवस 18 अप्रैल वर्ष 1982 को इंटरनेशनल काउंसिल आफ मोन्यूमेंटस एंड साइट के द्वारा मनाया गया और वर्ष 1983 में यूनेस्को महासभा ने इसे पूरी तरह मान्यता दी, तब से ही पूरे विश्वभर में 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में मानव इतिहास से जुड़े ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक एवं कलात्मक स्थलों एवं कलाओं को संरक्षित करना है। विश्व धरोहर दिवस पर प्रति वर्ष एक विषय (थीम) पर मनाया जाता है। विश्व धरोहर दिवस 2023 की थीम वर्किंग ऑन द फ्यूचर है। यह विषय सांस्कृतिक विरासत स्थलों के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए आज कार्य करने के महत्व पर जोर देता है। उक्त विषय जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण के कारण सांस्कृतिक संरक्षण जैसी सांस्कृतिक विरासत स्थलों की चुनौतियों को हल करने के लिए हित धारकों को एक साथ आने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। यह सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में युवाओं को शामिल करने की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित कर सकता है, इन स्थलों के भावी देखभालकर्ताओं के रूप में उनकी भूमिका को पहचान सकता है।उन्होंने बताया कि भारत देश विविधताओं से भरा देश है, यहां मूर्त विरासत के सैंकड़ों उदाहरण देखने को मिलते हैं जिसमें राजस्थान के भव्य किले, महल, बावड़ियां आदि भी शामिल हैं। इनमें से कुछ तो विश्व धरोहर की सूची में भी शामिल हैं, जो हमारे लिए गौरव की बात है। इसके साथ ही कई ऐसी और भी मूर्त और अमूर्त धरोहर हैं जिन्हें हमें संरक्षित करने की आवश्कता है। इसी तरह कि विविध विरासतों के बारे में आमजन को जागरूक करने की आवश्यकता है और इसी उद्देश्य से भारतीय लोक कला मण्डल एवं इंटेक संस्था के उदयपुर स्कन्ध द्वारा यह आयोजन किया जा रहा है।

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