रोजा रखने से गुनाह माफ होते हैं,कारी शराफत

रोजा रखने से गुनाह माफ होते हैं – कारी शराफत

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश बेलाल मस्जिद इमामबाड़ा अलहदादपुर के इमाम कारी शराफत हुसैन कादरी ने बताया कि रमज़ान के महीना हममें इतना तक़वा (परहेजगारी) पैदा कर सकता है कि सिर्फ रमज़ान ही में नहीं बल्कि उसके बाद भी ग्यारह महीनों की ज़िन्दगी भी सही राह पर चल सके। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का मशहूर फरमान है कि जिसने ईमान के साथ सवाब की नियत से यानी खालिस अल्लाह की खुशनूदी हासिल करने के लिए रोज़ा रखा उसके पिछले तमाम गुनाह माफ फरमा दिए जाते हैं।

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