जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक मे जिलाधिकारी ने लापरवाहों को डांट पिलाई, दिए कड़े निर्देश

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक मे जिलाधिकारी ने लापरवाहों को डांट पिलाई, दिए कड़े निर्देश

ब्यूरोचीफ घनश्याम प्रसाद सागर

कुशीनगर। जिलाधिकारी रमेश रंजन द्वारा आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक संपन्न की गई।बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों का विकास खंडवार डाटा प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों से लिया गया। जिन विकास खंडों में बच्चों की भर्ती कम थी या भर्ती नहीं हुई थी उसके कारण को पूछा गया। इस क्रम में जिलाधिकारी ने चिकित्सकीय उपकरणों की खराब हालत को सुधारने हेतु निर्देशित किया।संस्थागत प्रसव के संदर्भ में प्रतिशत उपलब्धियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जननी हेतु खाना के संदर्भ में टेंडर निकालने संबंधी कार्यों में अनियमितता पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी का स्पष्टीकरण हेतु मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया। एएनएम द्वारा पर्याप्त ए एन सी नहीं कराने के मुद्दे पर एम ओ आई सी खड्डा को प्रतिकूल प्रविष्टि देने हेतु कहा गया।बैठक में टीकाकरण, मंत्रा ऐप पर फीडिंग की भी समीक्षा की गई।बैठक में ईसंजीवनी पोर्टल पर टेलीमेडिसिन की स्थिति की समीक्षा की गई। रामकोला में एएनएम के घर पर डिलीवरी की शिकायत के संदर्भ में जिलाधिकारी ने ए एन एम पर कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देशित किया। इस संदर्भ में एमओआईसी रामकोला को जांच कर शाम तक कंप्लायंस रिपोर्ट सौंपने को कहा गया।जिलाधिकारी द्वारा हाल ही में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुबेरस्थान के निरीक्षण के क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्डो में नियमित रूप से बेड शीट बदले जाने व स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग का पुनर्नवीनीकरण कराने हेतु निर्देशित किया।एकीकृत स्वास्थ्य सूचना सुविधा के संदर्भ में जिलाधिकारी ने कहा की 15 -16 बीमारियों की जांच हेतु जब किट उपलब्ध है तो जांच क्यों नहीं करवाई जाती है। सभी उपलब्ध किटों के सापेक्ष बीमारियों की जांच करवाई जाए।बैठक में आभा आई डी, ई कवच पोर्टल वीएचएसएनडी सेशन आदि पर समीक्षा की गई। इस क्रम में जिलाधिकारी ने रामकोला में वीएचएसएनडी सत्र पर आंगनवाड़ी कार्यकत्री की कम उपस्थिति को लेकर सीडीपीओ रामकोला को प्रतिकूल प्रविष्टि देने को कहा।जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं के एब्डोमिनल एग्जाम, यूरिन टेस्ट, बीपी चेकअप के संदर्भ में निजता को मेंटेन करने हेतु खराब प्रगति को लेकर एमओआईसी कसया को प्रतिकूल प्रविष्टि दी।बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संस्थागत प्रसव में प्राइवेट और सरकारी डाटा को एकत्र करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि इस संदर्भ में जिनका डाटा शून्य है उनके वेतन बंद करें।बैठक में होम बेस्ड न्यू बोर्न केयर, टीकाकरण आदि की भी समीक्षा की गई।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुरेश पटारिया, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एस के वर्मा व सभी एमओआईसी तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी गण मौजूद रहे।

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