बेमतलब साबित हो रहा रैन बसेरा
सुनील दत्त शर्मा
खड्डा, कुशीनगर। नए नगर पंचायत छितौनी में भी रैन बसेरा बना है जिसको ढूढते रह जाएंगे। यदि मुसाफिर ढूढ भी लिए तो वहां रात गुजारना मुश्किल है। पंचायत भवन में बना रैन बसेरा वर्षों पहले रंगरोगन हुआ है। जिस भवन के अनेक जगहों पर फर्स भी खराब हो चूके है। जो रैन बसेरा बेमतलब साबित हो रहा है। अब इस ठंड में मुशाफिरों को पनियहवा रेलवे स्टेशन और चौराहो के दुकानों पर ठहरना मजबूरी बनी हुई है।
बता दें कि नगर पंचायत छितौनी में पनियहवा रेलवे स्टेशन है। इस स्टेशन पर रात हो दिन यात्रियों को सदैव आना जाना लगा रहता है। यही से कुछ दूरी पर बिहार प्रान्त भी चालू हो जाता है। गोरखपुर- नरकटियागंज रेल खण्ड से यात्री आते ही है। एन एच 28 बी मार्ग से भी यात्री नरकटियागंज, मुजफ्फरपुर, पटना बिहार आदि जगहों पर जाने के लिये रात्रि विश्राम करते है। जिन्हें रात होने पर रहने के लिये काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है। इतनाही नही इस कड़ाके की ठंड में शाम को पांच बजते ही सड़के सुनसान हो जाता है। सवारी गाड़ी का आवागमन भी नही होने से यात्री ढाबे, लाज आदि जगहों पर मुँह माँगे महंगे रकम देकर विश्राम करने को मजबूर है। जब कि सरकार के द्वारा नगर क्षेत्र में ठण्ड की बचाव के लिये बनाये गये रैन बसेरा प्रमुख स्थान से काफी दूर होने के कारण बेमतलब साबित हो रहा है। नगरवासी ओमप्रकाश, विन्दा प्रसाद, अमूलचन्द, डब्लू, राकेश, मनोज आदि ने बताया कि रैन बसेरा की ब्यवस्था जो जिम्मेदारों ने बनाया है वह प्रमुख जगहों से काफी दूर है। जिसको यात्रियों को जानकारी नही हो पाती है। यदि पांच बेड़ो वाली रैन बसेरा में कोई भूले भटके पहुँच भी गया तो भूतखांने जैसे बिना रंगरोगन के भवन में रहना मुश्किल है। जिसके वजह से आज तक मात्र एक ही मुसाफिर रह सका है। जब कि जिले के अधिकारियों के जांच करने पर नगर पंचायत के जिम्मेदार यही दिखा कर अपनी पीठ थप थपवाती है। नगरवासियों ने क्षेत्र के प्रमुख जगहों पर रैन बसेरा का बोर्ड लगा प्रचार पसार की मांग की है। इस सम्बन्ध में ई ओ देवेश मिश्रा ने बताया कि बोर्ड लगाकर यात्रियों को जानकारी करा दी जाएगी। मरम्मत और रंगाई भी करा दिया जाएगा जो अच्छा दिखेगा।


