जीएसटी छापे की प्रताड़ना से व्यापारियों मे गहरा आक्रोश, आसन्न नगरीय चुनावों मे इसका दुष्परिणाम भी देगा दिखाई
व्यापारी वर्ग ही सत्ताधारी दल का मूल वेस वोटर है
ब्यूरोचीफ घनश्याम प्रसाद सागर
कुशीनगर! जनपद मे जीएसटी वसुलने वाली टीमों द्वारा छापे की भय और आशंका से व्यापरियों मे गहरा आक्रोश व्याप्त है पिछले एक सप्ताह से जनपद के विभिन्न नगरो और कस्बों मे दुकाने बंद रह रहीं है इस भय का सबसे बडा दुष्प्रभाव छोटे छोटे व्यापार करने वालों, ठेला, गुमटी और चटाई लगाकर दुकान कर जीविकोपार्जन करने वाले दुकानदारों पर पडा है जीएसटी की छापे वाली टीमों के भयाक्रांत वातावरण के कारण सत्ताधारी दल को ही नुकसान हो सकता है क्योंकि व्यापारी वर्ग ही भाजपा का मूल वेस वोटर है आसन्न नगर निकाय के चुनावों मे सत्ताधारी दल को इसका खामियाजा भुगतना पड सकता है छोटे मोटे व्यापार करने वालों मे मजदूर, किसान और अन्य भी शामिल होते हैं! बताते चले कि उत्तर प्रदेश में आसन्न नगर निकाय चुनावों की आहट हो चुकी है हर जगह विभिन्न दल अपने अपने प्रत्याशी का आकलन करने मे लगे हैं नगर निकाय चुनाव मे सर्वाधिक प्रत्याशी व्यापारी वर्ग से होतें है इसलिए जनपद मे चल रहे जीएसटी छापे की कारवाई का प्रत्यक्ष असर चुनावों पर पडना तय है अगर सरकार ने कोई ठोस पहल कर व्यापारियों को संतुष्ट नहीं किया तो सरकार की छवि खराब होना तय है और आसन्न नगरीय चुनावों मे दुष्परिणाम या व्यापारियों का आक्रोश झेलना भी सुनिश्चित है वैसे गैर भाजपा दल इस तरह की जीएसटी छापे की कारवाई का तीखा विरोध कर भाजपा के मूल वेश वोटर व्यापारियों को अपने पाले मे लाने का मुहिम तेज कर दिए वे ब्यापारियों के पक्ष मे खडे होकर उनका अप्रत्यक्ष रूप से खुलकर समर्थन कर रहें है वैसे राजनीति किस करवट बैठेगी यह समय ही सुनिश्चित करेगा!


